सीसी लिमिट क्या है | कैश क्रेडिट और बैंक ओवरड्राफ्ट में अंतर

दोस्तों यदि आप व्यापारी है तो आपके लिए सीसी लिमिट क्या है और बैंक ओवरड्राफ्ट के बिच के अंतर को समझना चाहिए। सीसी लिमिट क्या है? और बैंक ओवरड्राफ्ट क्या?

दोस्तों अगर आप कोई बिजनेस कर रहे हैं या शुरू करने वाले हैं तो दोनों ही परिस्थितियों में अपनी जमा राशि को निवेश करने के बजाय आपको लोन के विकल्प के बारे में सोचना चाहिए। यहाँ पर उदय होता दो नाम एक कैश क्रेडिट और ओवरड्राफ्ट। दोनों ही एक तरह का शार्ट टर्म लोन (CC loan), कैश क्रेडिट केवल बिज़नेस के लिए होता और ओवरड्राफ्ट आपको बिज़नेस और व्यक्तिगत इस्तमाल के लिए किया जा सकता है।

कैश क्रेडिट एक तरह का क्रेडिट फैसिलिटी है जहाँ आपको सीसी लोन (CC loan) मिलता है कम अवधि के लिए बैंक द्वारा दिया जाता है लेकिन इसमें एक सवाल उभरता की सीसी लिमिट क्या है?

आईये कैश क्रेडटी (Cash Credit) और बैंक ओवरड्राफ्ट (Bank Overdraft) के बारे सम्पूर्ण जानकारी आपको देने की कोशिश करेंगे। औरकैश क्रेडटी और बैंक ओवरड्राफ्ट के बिच के अंतर भी आपको बताएँगे और साथ आप कैसे इनके लिए आवेदन कर सकतें हैं।

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कॅश क्रेडिट क्या है? What is Cash Credit?

कैश क्रेडिट (CC) एक अल्पकालिक ऋण है जो छोटी मध्यम कंपनियों या व्यवसाय को उनकी कार्यशील पूंजी की आवश्यकता के अनुसार दिया जाता है। जिससे आप अपने प्रोडक्ट के लिए कच्चा माल लेते हैं और अपने प्रोडक्ट को तैयार करतें हैं।

आपकी खुद की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को सुचारू रूप से चलाने के लिए कार्यशील पूंजी की आवश्यकता होती है ताकि कच्चे माल की कमी के कारण आपका उत्पादन कभी बंद न हो। कॅश क्रेडिट (CC) इसकी भरपाई करता है।

जब भी आपको प्रोडक्शन या कंपनी के अन्य खर्चों के लिए पैसों की आवश्कता होती है आप अपने कैश क्रेडिट अकाउंट से पैसा निकाल सकतें हैं।

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कैश क्रेडिट खाता कैसे खोले? – CC Account

कैश क्रेडिट अकाउंट तक़रीबन हर सरकारी और प्राइवेट बैंक दोनों ही खोलते हैं लेकिन यह फ्री नहीं होता है। सीसी अकाउंट खोलने के लिए बैंक आपसे अचल सम्पति, फिक्स्ड डिपाजिट, या शेयर्स के बदले कैश अकाउंट (Cash Credit Account) खोलते हैं। बैंक जानता की भविष्य में यदि आपने पैसा नहीं चुकाया तो आपकी संपत्ति को नीलाम कर आपने पैसो की वसूली करेगा।

सीसी लिमिट क्या है? – What Is CC Limit?

जब आप कैश क्रेडिट खाता खोलते हैं, तो बैंक आपको आपकी गिरवी संपत्ति के अनुसार एक सीमा देता है। मान लीजिए आपकी संपत्ति का मूल्य 20 लाख है, तो बैंक आपको 10 या 15 लाख तक की सीमा बनाता है। यदि आपके कैश क्रेडिट अकाउंट की लिमिट 10 लाख है आप केवल 10 लाख तक की पैसो की निकाल सकतें हैं।

आपका सवाल यह होना चाहिए (सीसी लिमिट क्या है) कि आपको कितना ब्याज देना होगा? यहां आपको राहत मिलती है यदि आपके सीसी की लिमिट 10 लाख है और आपने केवल 2 लाख का उपयोग किया है तो आप इसे इस्तेमाल करने के दिनों की संख्या पर केवल 2 लाख ही ब्याज देना होगा।

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सीसी अकाउंट के फायदा – Benefit of CC Account

  • व्यापार के पास हमेशा कार्यशील पूंजी की उपलब्धता।
  • कैश क्रेडिट अकाउंट टैक्स की छूट का प्रावधान है जिससे व्यापारी को टैक्स में रहत मिलती है।
  • सीसी अकाउंट आपको लचीलापन प्रदान करता है आप कभी भी अपने जरूरत के अनुसार पैसा निकाल सकतें है।
  • उपयोग की गई राशि पर ही आपको ब्याज देना होगा।

कैश क्रेडिट ब्याज दर – Cash Credit Interest Rate

हर बैंक अपने अनुसार सीसी लोन पर ब्याज (CC Interest Rate) वसूलते हैं मैं आपको कुछ सबसे कम ब्याज लेने वाले बैंको लिस्ट दूंगा जो आपके लिए काम की हो सकती हैं।

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Bank CC Interest Rate Per Month
Yes Bank1.20% से 2.40% प्रति माह
HDFC Bank3.40% प्रति माह
Axis Bank3.40% प्रति माह
SBI Bank 3.50% प्रति माह
Kotak Mahindra Bank3.50% प्रति माह
Citi Bank 3.75% प्रति माह
IndusInd Bank3.83% प्रति माह
RBL Bank3.99% प्रति माह
सीसी लिमिट क्या है?

कैश क्रेडिट अकाउंट नियम – Cash Credit Account Rules

  • कच्चा माल खरीदने के लिए
  • इन्वेंट्री बनाए रखने के लिए
  • वेतन, मजदूरी और किराए का भुगतान करने के लिए
  • भंडारण के लिए
  • वित्तीय बिक्री करने के लिए
  • ब्रांड जागरूकता और बहुत कुछ

बैंक ओवरड्राफ्ट क्या है? – What is Bank Overdraft?

आज के समय में बैंकिंग सिस्टम में काफी सुधार हुआ है. आज के समय में कुछ बैंकों ने करंट अकाउंट के साथ साथ सेविंग अकाउंट और सैलरी अकाउंट पर ओवरड्राफ्ट की सुविधा देना शुरू कर दिया है। हालाँकि की यह कुछ ख़ास ग्रहको के लिए ही उपलब्ध है हो सकता है उनमे आप भी शामिल हों।

बैंक ओवरड्राफ्ट का सीधा मतलब है यदि आपके करंट, सेविंग या सैलरी अकाउंट में पैसे नहीं है और आपके पास ओवरड्राफ्ट अकाउंट है तो आपको बिना अकाउंट में पैसो के भी पैसा निकाल सकतें है।

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बैंक ओवरड्राफ्ट लिमिट क्या है? (Overdraft Limit)

बैंक की नजर में हर ग्राहक की अपनी हैसियत होती है इसलिए जब बैंक किसी को ओवरड्राफ्ट की सुविधा देता है तो उसके पिछले लेनदेन और व्यवहार के अनुसार देता है। हो सकता है आपकी हैसियत बैंक की नजर में 1-लाख की हैसियत हो और मेरी केवल 10-हजार की तो मैं केवल 10-हजार तक निकाल सकता हूँ। इसे ही हम ओवरड्राफ्ट लिमिट कहतें हैं।

कैश क्रेडिट और बैंक ओवरड्राफ्ट में अंतर

आमतौर पर कैश क्रेडिट और बैंक ओवरड्राफ्ट दोनों ही बिज़नेस की वित्तीय सहायता करते हैं लेकिन इसके बावजूद भी दोनों में अंतर है। आइये इसके बिच के अंतर को जानते हैं।

कैश क्रेडिट बैंक ओवरड्राफ्ट
कैश क्रेडिट लोन के लिए बैंक आपके अचल संपत्ति को गिरवी रखता है।ओवरड्राफ्ट सुविधा के लिए आपकी क्रेडिट हिस्ट्री, फिक्स्ड डिपॉजिट, इन्शुरन्स पालिसी और बैंक से अच्छे सम्बन्ध के आधार पर मिलता है.
कैश क्रेडिट का ब्याज दर ओवरड्राफ्ट से कम होता है।ओवरड्राफ्ट की ब्याज दर कैश क्रेडिट लोन से अधिक होती है।
कैश क्रेडिट केवल बिजनेस के लिए किया जा सकता है। ओवरड्राफ्ट आपको व्यापारिक इस्तेमाल के साथ साथ व्यक्तिगत इस्तेमाल भी कर सकतें हैं।
अल्पकालिक भुगतान सुविधालंबी अवधि के भुगतान की सुविधा
इन्वेंट्री और स्टॉक वॉल्यूम के आधार पर ऋण राशि मिलती हैबैंक विवरण और सुरक्षा जमा के आधार पर ऋण राशि।
सीसी लिमिट क्या है

Final Thought

मुझे आशा है इस (सीसी लिमिट क्या है) लेख में आपके सभी सवालों के जवाब दिए होंगे। हालाँकि यह सुविधा आपके मनुफैक्टरिंग यूनिट या बुसिनेस के वरदान साबित हो सकती है। यदि आपको मेरा ये पोस्ट अच्छा लगा तो इसे शेयर करें।

यदि इस लेख (सीसी लिमिट क्या है) के विषय में आपका कोई विचार है तो आप हमसे कमेंट साझा करें।

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2 thoughts on “सीसी लिमिट क्या है | कैश क्रेडिट और बैंक ओवरड्राफ्ट में अंतर”

  1. सेवा में
    श्रीमान दलीप सिंह गर्ब्याल
    सीपीआईओ एवं सहायक महाप्रबंधक
    यूको बैंक ,प्रधान कार्यालय परिचालन एवं सेवा विभाग कोलकाता -70000

    विषय – खाता संख्या -13010510001691 सीसी लिमिट -10,000/ हजार के साथ की गई जानबूझकर छैड़छाड़ करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही एवं उठाए गए हानि न नुकसान की भरपाई बाबत ।

    उपरोक्त विषयांतर्गत निवेदन है की 2017 से 2022 अग्रणी यूको बैंक के अधिन बैंक आफ बड़ौदा शाखा मोगडा कल्ला , भारतीय स्टेट बैंक लूणी ,यूको बैंक शाखा सालावास में मसाला उद्योग लगाने बाबत अनुसूचित जाति की स्टेड अप इंडिया योजना में आवेदन किया जिसे उन्होंने निरस्त कर दिया ,जिसके बाद PMOPG पोर्टल पर शिकायत की गई ,जिसके बाद मुझे भारतीय स्टेट बैंक शाखा लूणी के लिखित आश्वासन के बाद आवेदन दिया और बैंक अधिकारियों ने बैंक में बुला सी .सी. लिमिट का अकाउंट खुलवाया ,ऋण वितरण की देरी पर शिकायत पोर्टल PMOPG पर शिकायत की जिस पर भारतीय स्टेट बैंक ने टीप्पणी की ऋण हेतु आवेदन कर्ता ने सम्पर्क नहीं किया ,जिसकी शिकायत की गई तो बताया पुर्व का रिकॉर्ड खराब है ,जिसके बाद सिबिल कंट्रोल संख्या -4,174,502,778 का मेरे द्धारा अवलोकन किया गया जिसमें पाया जनवरी 2015 से दिसम्बर 2015 तक
    XXX -0
    STD-5
    SMA-7 बार अपडेट किया ,जबकी बैंक में राशि -4 बार डाली या निकाली गई ।
    1- 10feb-500 जमा ,STD अपडेट किया।
    2-12jun-2000 जमा SMA अपडेट किया।
    3-29sep -1000जमा STD अपडेट किया।
    5-21NOV-500जमा STD अपडेट किया ।
    12 माह में 4000/ ब्याज लेकर 12 कमेंट किया ।

    2- वर्ष 2016
    XXX -4
    STD- 5
    SMA- 3
    जमा की गई राशि -6 बार ।
    1- 28/जनवरी -500 जमा STD अपडेट किया।
    2-28/अप्रेल -500जमा -STD अपडेट किया।
    3-16,29जून-500,500जमा ,3500 ट्रांसफर XXX
    4-23/अगस्त -700जमा -STD अपडेट किया।
    5-29/-सितम्बर -866जमा -STD अपडेट किया।
    6-दिसम्बर -500 जमा -Xxx
    कुल -4266 ब्याज लेकर 8 गलत कमेंट।
    3-वर्ष -2017 फरवरी-4,768.56 कुल बकाया भुगतान किया और नो -डयुज सर्टिफिकेट लिया ।
    Note -सीसी के सम्बध में क्या कहती है भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाइंस 👉 1-सीसी/ओडी खाते में बकाया राशि 90 दिनों तक लगातार स्वीकृत सीमा/आहरण शक्ति से अधिक बनी हुई है, या
    सीसी/ओडी खाते में बकाया राशि स्वीकृत सीमा/आहरण शक्ति से कम है लेकिन 90 दिनों तक लगातार कोई जमा नहीं होता है, या सीसी/ओडी खाते में बकाया राशि स्वीकृत सीमा/आहरण शक्ति से कम है लेकिन क्रेडिट हैं पिछले 90 दिनों की अवधि के दौरान डेबिट किए गए ब्याज को कवर करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

    7. तदनुसार, इस परिपत्र की तिथि को या उसके बाद सीसी/ओडी खातों को ‘अनियमित’ माना जाना उपरोक्त निर्देशों पर आधारित होगा।

    यह है की सीसी लिमिट खाते पर किसी प्रकार की मासिक किस्त नहीं होती है तो फिर हर माह सिबिल अपडेट करने के लिए इस प्रकार की गलत टिप्पणियां करने का क्या मकसद रहा,जबकी मैनै‌ 2015 , 2016 में 50 % से भी कम स्वीकृत सीमा 10,000/ की निकासी की और ब्याज से अधिक राशि 6,7 बार ऋण खाते में डाली फिर भी भी सिबिल को रिपोर्ट करना , जो प्रथम दृष्टया मेरी सिबिल साख खराब करने और ऋण सुविधा पाने से अनुसूचित जाति के आवेदक को संवैधानिक प्रावधानों से वंचित करने की नियत है ,यह है की तय समय पुर्व चुकता ऋण और स्टैंड अप इंडिया योजना में दिये मेरे आवेदन को खारिज करने व लक्ष्य की खानापूर्ति पर यूको एलडीएम , महाप्रबंधक जोनल कार्यालय पाल लिंक रोड जोधपुर
    की , महाप्रबंधक ,राज्य सरकार , केन्द्र सरकार ,वित मंत्रालय , भारतीय रिजर्व बैंक , बैंकिंग लोकपाल में की गई लेकिन आपने अपने गलत तथ्य ,साक्ष्यो को पेश कर मुझे झुठा साबित कर दिया और बताया की में अनैतिक तरिके से ऋण लेने के मकसद से दवाब बनाने के लिए शिकायत कर रहा हूं , अपने मेरी रीट संख्या 263/2020 का हवाला देकर बताया की माननीय न्यायालय टीप्पणी कि ऋण की स्वीकृति बैंक का व्यवसायिक निर्णय तो यह साबित करें की उक्त टिप्पणी भी बैंक के व्यवसायिक व्यवहार के विपरित नहीं है जिसकी वजह से मेरे सात साल का समय खराब हुआ और में किसी बैंक से ऋण नहीं ले सका यह सब अनजाने में नहीं हुआ ,यह सब जानबूझकर ,सोची समझी रणनीति और षड्यंत्र के तहत हुआ , इसलिए अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत लोक सेवक ध्दारा कर्तव्यो की अनदेखी के दोषी अधिकारियों को सजा मिले के लिए अपनी टीप्पणी रिपोर्ट अपलोड कर उठाए गए हानि नुकसान की भरपाई के सम्बंध में तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश / जवाब / जांच करें ।।

    धन्यवाद
    नाम सुरेश कुमार पुत्र श्री मुकनाराम सरगरा
    गांव खेड़ा सरेचा तहसील लूणी जिला जोधपुर राजस्थान।

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